आगरा। हरिपर्वत क्षेत्र की 16 वर्षीय नाबालिग की मंगलवार तड़के मौत हो गई। 28 अगस्त को घर से निकलने के बाद उसके लापता होने की सूचना हरिपर्वत थाने में दी गई थी। बाद में छत्ता पुलिस के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार परिजनों क़ो पता चला कि वह सड़क हादसे में घायल होकर अस्पताल में भर्ती है। करीब 11 दिन उपचार के बाद उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना पर पोस्टमार्टम हाउस पर वाल्मीकि समाज के लोग जुट गए और पुलिस की कार्रवाई को लेकर आक्रोश जताया।

परिजनों के मुताबिक, 28 अगस्त को शाम करीब 7:30 बजे नाबालिग घर से निकली थी और वापस नहीं लौटी। एक सितंबर को हरिपर्वत थाने में उसकी गुमशुदगी की सूचना दी गई थी। पुलिस के अनुसार बाद में पता चला कि वह सड़क हादसे में घायल हुई है। हादसे में शामिल कार को पुलिस ने कब्जे में लिया है और घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद होने की बात कही जा रही है।

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान उन्हें बच्ची की चोटों और इलाज के संबंध में पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई। परिवार की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि बच्ची के गुप्तांग से रक्तस्राव हो रहा था। यह आरोप पोस्टमार्टम और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।

नाबालिग की मौत के बाद वाल्मीकि समाज में आक्रोश है। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे लोगों ने कहा कि हादसे के मामले में कार बरामद होने के बावजूद चालक या वाहन मालिक के खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अस्पताल में भर्ती कराने के बाद नाबालिग का मेडिकल किस तरह हुआ और उसकी चोटों की स्थिति क्या थी।

समाज के लोगों ने पैनल से पोस्टमार्टम कराने, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर उचित धाराओं में कार्रवाई और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि न्याय नहीं मिला तो वाल्मीकि समाज सड़क पर उतरने को बाध्य होगा।

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