आगरा। फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के सहारे सरकारी निविदाओं में पात्रता हासिल करने के आरोपों से घिरे बिल्डर शोभिक गोयल के खिलाफ अब केंद्रीय जांच एजेंसियों से जांच की मांग की गई है। भारत नगर सहकारी आवास समिति लिमिटेड से जुड़े शिकायतकर्ता योगेश महाजन ने मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारियों को शिकायत भेजकर एफआईआर दर्ज कराने के साथ सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग से जांच कराने की मांग की है। शिकायत के साथ आरटीआई जवाब, जांच आख्या और विभिन्न सरकारी पत्राचार भी संलग्न किए गए हैं।
आरटीआई आख्या में प्रमाणपत्रों को लेकर सवाल
शिकायत में थाना शाहगंज की आरटीआई सूचना संख्या 1822/25 का हवाला दिया गया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस सूचना और संबंधित जांच आख्या में शोभिक गोयल के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों से जुड़े अभिलेखों को लेकर सवाल सामने आए हैं। शिकायत में इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर सरकारी निविदाओं में कथित तौर पर कूटरचित शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया है।
सरकारी ठेकों में इस्तेमाल का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कथित कूटरचित शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के आधार पर चरित्र प्रमाणपत्र हासिल किए गए और उनका इस्तेमाल सरकारी निविदाओं में किया गया। शिकायत में पुलिस विभाग, आगरा विकास प्राधिकरण और गोरखपुर विकास प्राधिकरण से जुड़े ठेकों का भी उल्लेख है।
शिकायत के एक अन्य हिस्से में गोरखपुर के MIWAN प्रोजेक्ट के 600 करोड़ रुपये के टेंडर में फर्जी सर्टिफिकेट के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा आगरा में शास्त्रीपुरम स्थित मंदिर की जमीन पर अवैध कॉलोनी, CREDAI से जुड़े फर्जी सर्टिफिकेट और रेलवे पोर्टल की नीलामी प्रक्रिया को प्रभावित करने जैसे आरोप भी दर्ज हैं। ये सभी शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोप हैं, जिनकी अंतिम पुष्टि जांच का विषय है।
भारत नगर हाउसिंग की जमीन का मामला भी उठाया
शिकायत में भारत नगर सहकारी आवास समिति की जमीन से जुड़ी वर्ष 2016 की नीलामी प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि समिति की जमीन की नीलामी प्रक्रिया में कथित तौर पर कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया और बेशकीमती भूमि को बाजार मूल्य से कम दर पर प्राप्त करने का प्रयास हुआ।
दस्तावेज में वर्ष 2021 में कंपनी के पुनर्गठन के बाद बिना विधिक प्रक्रिया के कंपनी में बदलाव किए जाने तथा कुछ बैंक खातों से कथित अनधिकृत निकासी का भी उल्लेख है। बैंक खाते से संबंधित शिकायत भारतीय रिजर्व बैंक के बैंकिंग लोकपाल के समक्ष पहुंचने की बात भी दस्तावेज में दर्ज है।
जांच समिति और सरकारी कार्रवाई का भी हवाला
शिकायत में शासन स्तर पर हुई जांचों और पत्राचार का हवाला देते हुए भूमि के मूल्य निर्धारण, नीलामी और कब्जा हस्तांतरण की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। संलग्न दस्तावेजों में उत्तर प्रदेश शासन और आवास एवं विकास परिषद से संबंधित पत्र भी शामिल हैं।
कई मामलों में कार्रवाई का उल्लेख
शिकायत के अंतिम हिस्से में अलग-अलग मामलों से संबंधित एफआईआर और न्यायालयीन कार्रवाई का भी उल्लेख किया गया है। इनमें थाना हरीपर्वत से संबंधित मुकदमा तथा अन्य मामलों का हवाला देते हुए शिकायतकर्ता ने पूरे प्रकरण की व्यापक जांच की मांग की है।
सीबीआई-ईडी और आयकर जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि शोभिक गोयल के खिलाफ कथित फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र की जांच कर फर्जी प्रमाणपत्र पाए जाने पर उसे निरस्त कराया जाए, सरकारी ठेकों और अन्य मामलों की जांच कराई जाए तथा संबंधित संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल की जाए। साथ ही शिकायत में सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग से जांच कराने की मांग की गई है।
