अदालत के आदेश पर चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज,: महिला वारंटी ने लगाए मारपीट और दस्तावेज ले जाने के आरोप
आगरा। सिकंदरा थाना क्षेत्र में एक महिला वारंटी को गिरफ्तार करने के दौरान कथित मारपीट, प्रताड़ना और घर से दस्तावेज ले जाने का मामला सामने आया है। अदालत के आदेश पर सिकंदरा थाने में तैनात दो दरोगाओं और दो महिला पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
रुनकता निवासी सीमा सिकरवार को पुलिस ने 4 जून को एक मामले में वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया था। सीमा सिकरवार का आरोप है कि गिरफ्तारी के दौरान पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे, जहां तोड़फोड़ की गई और घर में रखे महत्वपूर्ण दस्तावेज तथा अन्य सामान अपने साथ ले जाया गया। उनका कहना है कि इस संबंध में परिवार के लोगों को कोई स्पष्ट जानकारी भी नहीं दी गई।
बाद में पीड़िता ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि थाने लाने के बाद उसके साथ मारपीट की गई। पीड़िता के अनुसार, उसे बेल्ट और लात-घूंसों से पीटा गया, जिससे उसके शरीर पर गंभीर चोटें आईं। उसने पुलिसकर्मियों पर अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और मानसिक प्रताड़ना के भी आरोप लगाए।
पीड़िता का यह भी आरोप है कि घर से दस्तावेज और सामान ले जाने के साथ-साथ उस पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। अदालत ने इन आरोपों को भी गंभीरता से लेते हुए मामले में संज्ञान लिया।
सुनवाई के दौरान अदालत के संज्ञान में यह बात आई कि प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट में चोटों का स्पष्ट उल्लेख नहीं था। इसके बाद अदालत के निर्देश पर मेडिकल बोर्ड से दोबारा परीक्षण कराया गया। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में शरीर पर चोटों का उल्लेख किया गया, जिसके बाद अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए कार्रवाई के आदेश दिए।
अदालत के निर्देश पर उपनिरीक्षक सुरजीत सिंह, चौकी प्रभारी नीलेश शर्मा, महिला उपनिरीक्षक नेहा और महिला हेड कांस्टेबल सीमा के खिलाफ सिकंदरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
प्रभारी विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मामले की विभागीय जांच कराने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही पुलिस आयुक्त से एक माह के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
