सुप्रीम कोर्ट में दाखिल विजन डॉक्यूमेंट का असर: कई उद्योगों पर रोक तो कई को हरी झंडी
ताजमहल के 10 किमी दायरे में बदलेंगे उद्योगों के नियम: कम एयर पॉल्यूशन स्कोर वाले रेड–ऑरेंज उद्योग भी लग सकेंगे
आगरा। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल विज़न डॉक्यूमेंट की समीक्षा रिपोर्ट में सेंटरल इम्पावरमेंट कमेटी (CEC) ने ताजमहल के 10 किलोमीटर क्षेत्र में उद्योगों की स्थापना को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव सुझाए हैं। रिपोर्ट के अनुसार अब वायु प्रदूषण स्कोर के आधार पर उद्योगों को अनुमति या प्रतिबंधित किया जाएगा। जिन उद्योगों का एयर पॉल्यूशन स्कोर 30 से कम है, वे रेड और ऑरेंज कैटेगरी में होने के बावजूद भी ताजमहल के आसपास स्थापित हो सकेंगे।
CPPCB की नई गाइडलाइन: 2025 से उद्योगों का वर्गीकरण बदलेगा
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने फरवरी 2025 में उद्योगों के वर्गीकरण में बड़े संशोधन किए हैं। अब उद्योगों को जल और वायु प्रदूषण स्कोर के आधार पर आंका जाएगा। पहले केवल कैटेगरी (रेड, ऑरेंज, ग्रीन, व्हाइट) प्रमुख थी, लेकिन अब स्कोरिंग मॉडल यह तय करेगा कि कौन-सा उद्योग कहाँ स्थापित किया जा सकता है।
ताजमहल संरक्षण के बीच छोटे उद्योगों के सामने संकट
ताजमहल की ऐतिहासिक विरासत को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट लंबे समय से इसके आसपास प्रदूषण नियंत्रण के सख्त निर्देश देता रहा है। CEC की नई सिफारिशों में कहा गया है कि एयर पॉल्यूशन स्कोर 30 से अधिक वाले उद्योग 10 किमी दायरे में नहीं लगाए जा सकेंगे। इससे बेकरी, ईंट निर्माण, फूड प्रोसेसिंग, हॉट मिक्स प्लांट, आइसक्रीम फैक्ट्री, फाउंड्री, नॉन-अल्कोहलिक पेय निर्माण, डीएस बैटरी निर्माण सहित कई उद्योग प्रभावित होंगे।
रेड व ऑरेंज कैटेगरी के वे उद्योग जिनका एयर पॉल्यूशन स्कोर कम
नई सूची के अनुसार कुछ रेड और ऑरेंज उद्योगों का एयर पॉल्यूशन स्कोर कम है (30 से नीचे), इसलिए ये ताजमहल जोन में भी लगाए जा सकेंगे—
- ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग
- कम्प्रेस्ड बायो गैस प्लांट (वेस्ट बेस्ड)
- लिक्विड फ्लोर क्लीनर
- मछली प्रसंस्करण
- पशु वेस्ट आधारित बायो गैस प्लांट
- विस्फोटक, डेटोनेटर और फ्यूज़ निर्माण (स्कोर कम होने पर)
इन उद्योगों का एयर पॉल्यूशन स्कोर 20–30 के बीच है, इसलिए इन्हें नई गाइडलाइन में “अनुमेय” माना गया है।
वो उद्योग जो नहीं लग सकेंगे
एयर पॉल्यूशन स्कोर 30 से अधिक होने पर निम्न उद्योगों पर ताजमहल के 10 किमी दायरे में रोक जारी रहेगी—
- 10 KLD से अधिक अपशिष्ट जल उत्पन्न करने वाली खाद्य प्रोसेसिंग यूनिट्स
- ईंट भट्ठे, हॉट मिक्स प्लांट
- फाउंड्री
- आइसक्रीम फैक्ट्री
- कांच निर्माण
- लीड–एसिड बैटरी निर्माण
- डाई, डिस्टिलेशन, केमिकल आधारित उद्योग
- कार्बन ब्लैक व एसिड मैन्युफैक्चरिंग
व्हाइट और ग्रीन कैटेगरी के उद्योगों को मिलेगी छूट
जिन उद्योगों का प्रदूषण स्कोर न्यूनतम है, उन्हें नई पॉलिसी में पूरी तरह से हरी झंडी देने की सिफारिश की गई है। इनमें शामिल हैं—
- जूते-चप्पल निर्माण
- आर्टिफिशल लेंस निर्माण
- बैग, चप्पल, कार्डबोर्ड, पैकेजिंग यूनिट
- साइंटिफिक उपकरण निर्माण
- हैंडलूम, प्रिंटिंग ब्लॉक
- व्हाइट मिक्स उत्पाद
- मोबाइल रिपेयरिंग, इलेक्ट्रॉनिक असेंबलिंग
- बिना बायलर की फूड यूनिट
- फर्नीचर, मॉड्यूलर वुडन फर्नीचर
- बर्तन व टाइल निर्माण
इन उद्योगों को ताजमहल जोन में अनुमति मिलने की संभावना सबसे अधिक है।
