मोबाइल कारोबारी या सट्टा नेटवर्क का कनेक्शन?: आगरा में संदिग्ध संपत्ति और रिश्तों पर उठे सवाल
आगरा | विशेष रिपोर्ट
आगरा में एक कथित मोबाइल कारोबारी की गतिविधियों को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। बाहर से मोबाइल खरीद-फरोख्त और सिम कार्ड के कारोबार में सक्रिय दिखने वाला यह शख्स, अंदरखाने बड़े सट्टा नेटवर्क से जुड़े होने के आरोपों में चर्चा में है।
सूत्रों के अनुसार, यह व्यक्ति पहले संजय प्लेस स्थित एक छोटे से ऑफिस से सिम कार्ड बेचने का काम करता था। धीरे-धीरे उसने फ्रेंचाइज़ी मॉडल के जरिए अपना नेटवर्क बढ़ाया और अब खुद को बड़े मोबाइल कारोबारी के रूप में स्थापित कर चुका है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि उसका असली जुड़ाव शहर के टॉप बुकियों से है, जिनके साथ उसका उठना-बैठना बताया जाता है।
महंगा प्लॉट और पेड़ों का पेंच
मामला तब और दिलचस्प हो जाता है जब ताज नगरी क्षेत्र में खरीदे गए एक बड़े प्लॉट की बात सामने आती है। बताया जा रहा है कि करीब 500-600 गज का यह कॉर्नर प्लॉट, जो कम्युनिटी हॉल में पास और शिल्पग्राम मोड़ के नजदीक स्थित है, कथित सेटिंग के जरिए खरीदा गया।
लेकिन इस जमीन पर बड़ी संख्या में पेड़ होने के कारण अब विवाद खड़ा हो गया है, क्योंकि पेड़ों की कटान पर सख्त रोक लागू है।
आय के स्रोत पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक साधारण सिम विक्रेता का इतने कम समय में करोड़ों की संपत्ति का मालिक बनना कई सवाल खड़े करता है। आरोप है कि यह व्यक्ति सट्टा कारोबार से जुड़े खातों के संचालन, कमीशन और नेटवर्किंग से मोटी कमाई कर रहा है।
पुलिस कनेक्शन की भी चर्चा
यह भी चर्चा में है कि आगरा में तैनात रह चुके एक सिपाही से उसके करीबी संबंध रहे हैं, जिससे उसे संरक्षण मिलने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
लग्जरी लाइफस्टाइल ने बढ़ाई शंका
नई महंगी कार, ज्वेलर्स को ऊंचे ब्याज पर उधारी, और शाम को कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों के साथ पार्टियां—इन सबने इस व्यक्ति की जीवनशैली को संदेह के घेरे में ला दिया है। बताया जाता है कि हर मैच में कमीशन का खेल भी उसकी कमाई का बड़ा जरिया है।
जांच की मांग
मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर जांच की मांग उठने लगी है। लोगों का कहना है कि यदि सभी आरोप सही हैं, तो यह सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं बल्कि एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।
