आगरा। ताजनगरी के पर्यटन क्षेत्र ताजगंज (ताजनगरी फेस-2) स्थित चौपाटी में रविवार शाम एक रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा सामने आया। सैलानियों को रोमांच का अहसास कराने का दावा करने वाले एक एडवेंचर स्पोर्ट्स (जिप लाइन) ने सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। फिरोजाबाद के प्रमुख चूड़ी व्यवसायी पंकज अग्रवाल के 16 वर्षीय बेटे कुणाल अग्रवाल की करीब 45 फीट की ऊंचाई से गिरकर दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद चौपाटी परिसर में चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।

जिद बनी काल: आंखों के सामने मिट गया कलेजे का टुकड़ा

जानकारी के अनुसार, फिरोजाबाद के गांधी नगर निवासी पंकज अग्रवाल अपनी पत्नी रिंकी अग्रवाल, बड़े बेटे कुणाल और छोटे बेटे के साथ आगरा घूमने आए थे। बच्चों के मनोरंजन के लिए परिवार चौपाटी पहुंचा था। वहां करीब 120 मीटर लंबी और 45 फीट ऊंची जिप लाइन को देखकर कुणाल रोमांचित हो उठा और उसने उस पर सवारी करने की जिद पकड़ ली। माता-पिता ने भी बच्चे की खुशी की खातिर हामी भर दी, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह उनका आखिरी फैसला साबित होगा।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी एसीपी ताज सुरक्षा मयंक तिवारी तुरंत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति को संभाला और घटनाक्रम की विस्तार से जानकारी दी। पुलिस अधिकारी एसीपी ताज सुरक्षा मयंक तिवारी के मुताबिक, कुणाल जैसे ही सुरक्षा बेल्ट और पुली के सहारे जिप लाइन पर आगे बढ़ा, महज 10 मीटर की दूरी तय करते ही अचानक उसकी पुली का लॉक खुल गया। लॉक खुलते ही कुणाल सीधे 45 फीट नीचे कंक्रीट के धरातल पर आ गिरा। यह देख चौपाटी में मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही तोड़ा दम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

हादसे के बाद बदहवास माता-पिता और पुलिस कर्मी तुरंत कुणाल को लेकर अस्पताल भागे। उसकी चंद सांसें ही बची थीं, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। कुणाल का शव देखकर माता-पिता के होश उड़ गए। उन्हें संभालना मुश्किल हो गया और वे फूट-फूटकर रोने लगे। मौके पर मौजूद पुलिस ने जैसे-तैसे परिजनों को संभाला और ढांढस बंधाया।

सुरक्षा मानकों की खुली पोल: पुलिस ने संचालक और मैनेजर को दबोचा

इस हादसे ने चौपाटी प्रशासन और एडवेंचर गतिविधियों के संचालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जिप लाइन का संचालन तत्काल रुकवा दिया। जिन लोगों ने टिकट के लिए रुपये जमा किए थे, मौके पर ही उनके रुपये वापस कराए गए।

पुलिस के अनुसार, जिप लाइन के लिए कड़े सुरक्षा उपाय निर्धारित हैं, जिसमें हेलमेट पहनाया जाना अनिवार्य है ताकि सवार सुरक्षित रहे और कोई हादसा होने पर भी सिर में गंभीर चोट न आए। लेकिन यहाँ चौपाटी में सुरक्षा मानकों को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया था।

पुलिस ने जिप लाइन संचालक और चौपाटी मैनेजर, दोनों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक व कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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