बोगस फर्में बनाकर 100 करोड़ के फर्जी बिल काटने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़,: 3 शातिर गिरफ्तार
लोहामंडी पुलिस, साइबर सेल और काउंटर इंटेलिजेंस की संयुक्त कार्रवाई; करोड़ों की जीएसटी चोरी का खुलासा
विशेष संवाददाता, आगरा।लोहामंडी थाना पुलिस, साइबर सेल और काउंटर इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम ने एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर जालसाजों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह फर्जी और बोगस फर्में बनाकर अब तक करीब 100 करोड़ रुपये के फर्जी इनवॉइस (बिल) जारी कर चुका है। आरोप है कि इन फर्जी बिलों के जरिए सरकार को करोड़ों रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) और जीएसटी राजस्व का नुकसान पहुंचाया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमन डंग, सौरभ सिंह और 68 वर्षीय राम अवतार शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और इसके नेटवर्क की तलाश में जुटी है।
कागजों पर चलता था करोड़ों का कारोबार
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरोह बिना किसी वास्तविक माल की आपूर्ति किए केवल कागजों पर फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार करता था। इन दस्तावेजों के आधार पर विभिन्न फर्मों को अवैध रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ दिलाया जाता था।
जांच में सामने आया है कि आरोपी फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, रेंट एग्रीमेंट और अन्य कूटरचित दस्तावेजों के सहारे बोगस फर्में तैयार करते थे। बाद में इन फर्मों को दूसरे राज्यों के कारोबारियों को बेच दिया जाता था, जिससे टैक्स चोरी के नेटवर्क को संचालित किया जा सके।
बुजुर्ग भी निकला गिरोह का अहम सदस्य
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार 68 वर्षीय राम अवतार शर्मा गिरोह में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था और फर्जी फर्मों की स्थापना तथा दस्तावेजी हेरफेर में माहिर माना जाता है। आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में दस्तावेज, मोबाइल फोन, लैपटॉप और विभिन्न बैंकों से संबंधित रिकॉर्ड बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच जारी है।
कई राज्यों तक फैले हो सकते हैं तार
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों तक फैला हो सकता है। पुलिस और जांच एजेंसियां अब इस पूरे सिंडिकेट के मास्टरमाइंड और लाभार्थियों की पहचान करने में जुटी हैं।
क्या बोले एसीपी लोहामंडी
“प्रारंभिक जांच में करीब 100 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग का मामला सामने आया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। मामले की गहन जांच जारी है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।”
— एसीपी गौरव सिंह
पुलिस का कहना है कि पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के आधार पर जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
