बहु-बेटे की दबंगई पर चले बुलडोजर",: आगरा के बुजुर्ग दंपति ने रोते हुए मुख्यमंत्री से लगाई मार्मिक गुहार
- पीड़ित बुजुर्ग का आरोप ₹75 लाख लगाकर बनाया मकान बहू-बेटे ने माफियागिरी से हड़पा,
- पैरालिसिस पीड़ित बीमार पत्नी को घर से निकाला;
- 4 वर्षों से दर-दर भटकने को मजबूर बुजुर्ग माता-पिता।
- मलपुरा क्षेत्र का मामला: वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
आगरा। थाना मलपुरा अंतर्गत क्रिस्टल सिटी (ककुआ) से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक बेबस और बुजुर्ग दंपति ने अपने ही सगे बहू और बेटे की प्रताड़ना से तंग आकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है। सोशल मीडिया पर वायरल एक मर्मस्पर्शी वीडियो में बुजुर्ग रोते हुए हाथ जोड़कर मुख्यमंत्री से कह रहे हैं कि उनके बहू-बेटे की माफियागिरी और दबंगई पर बुलडोजर चलाया जाए।
पीड़ित बुजुर्ग के अनुसार, उन्होंने अपनी जीवनभर की गाढ़ी कमाई से लगभग ₹75 लाख खर्च कर क्रिस्टल सिटी में मकान संख्या 128 का निर्माण करवाया था। आरोप है कि मकान बनते ही उनके सगे बेटे और बहू ने अपनी दबंगई और माफियागिरी के बल पर पूरे घर को जबरन हड़प लिया। बुजुर्ग पिता ने बताया कि उनकी पत्नी वर्ष 2018 से पैरालिसिस (लकवा) और ब्रेन हैमरेज जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रही हैं और पूरी तरह बेड पर हैं। ऐसी लाचारी की हालत में भी बहू-बेटे को तरस नहीं आया और उन्होंने बुजुर्ग मां-बाप के साथ क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं।
7 पुलिस रिपोर्टों में पुष्टि, फिर भी कार्रवाई शून्य
बुजुर्ग का दावा है कि पुलिस विभाग द्वारा इस मामले में अब तक सात अलग-अलग जांच आख्याएँ (रिपोर्ट्स) लगाई जा चुकी हैं। इन सभी आधिकारिक जांचों में यह पूरी तरह साबित हो चुका है कि मकान संख्या 128 का निर्माण बुजुर्ग पिता ने ही करवाया था और बहू-बेटे ने इसे अवैध रूप से हड़पा है। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर अपराधियों के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया।
बीमार मां की लाचारी का फायदा उठाकर बहू-बेटे ने उन्हें बेहद क्रूरता के साथ घर से बाहर निकाल दिया। इस अमानवीय व्यवहार के कारण यह बुजुर्ग दंपति पिछले साढ़े चार वर्षों से पाई-पाई के लिए मोहताज होकर किराए के मकानों में रहने को मजबूर है।
मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए बुजुर्ग ने कहा, “हमने अपने बहू-बेटे के इन आपराधिक कृत्यों, पापों और दबंगई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए वर्ष 2021 से लेकर 2023 तक (तहरीर दिनांक 30-12-2021, 03-01-2022, 13-06-2022 और 30-06-2023) कुल 14 ठोस सबूतों के साथ पुलिस को बार-बार लिखित शिकायतें दी हैं। लेकिन साढ़े चार साल बीत जाने के बाद भी पुलिस प्रशासन द्वारा अपराधियों पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।”
बुजुर्ग दंपति ने भावुक होते हुए कहा कि वे अब पूरी तरह टूट चुके हैं और सूबे के मुखिया की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर ही उन्हें आखिरी भरोसा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जनपद आगरा की पुलिस को तुरंत कड़े निर्देश जारी किए जाएं ताकि उन्हें उनका आशियाना वापस मिल सके और दोषी बहू-बेटे को सजा मिले।
डिजिटल माध्यम (‘एक्स’) पर मामला उजागर होने पर पुलिस कमिश्नर द्वारा एसीपी सैयां को जांच सौंप दी गई है।
