आगरा की युवती ने ऋषिकेश के रिसॉर्ट मालिक पर लगाए गंभीर आरोप, जीरो FIR उत्तराखंड पुलिस को ट्रांसफर होने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का दावा

आगरा। पहले प्यार का भरोसा दिया, फिर शादी के सपने दिखाए और जब युवती ने जिंदगी साथ बिताने की उम्मीद बांध ली तो धोखे की कहानी सामने आ गई। आरोप है कि युवक ने युवती से शारीरिक संबंध बनाए, उससे लाखों रुपये लिए और बाद में उसे अकेला छोड़ दिया। अब युवती न्याय के लिए पुलिस के चक्कर लगा रही है। हैरानी की बात यह है कि दुष्कर्म के आरोपों में दर्ज जीरो एफआईआर पर उत्तराखंड पुलिस की कार्रवाई करीब 40 दिन से लंबित बताई जा रही है।

मामला आगरा की करीब 27 वर्षीय युवती और दिल्ली निवासी नमन छाबड़ा से जुड़ा है। नमन ऋषिकेश में रिसॉर्ट का मालिक बताया गया है। युवती ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि जून 2025 में उसने ऋषिकेश के एट्रियम इन होटल में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी शुरू की थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात होटल मैनेजर नमन से हुई। आरोप है कि कुछ दिन बाद दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गए। नमन ने शादी का भरोसा दिया और दोनों एक ही कमरे में रहने लगे।

दूसरी लड़की से बातचीत का पता चला तो खुला राज

युवती का आरोप है कि जनवरी 2026 में उसे पता चला कि नमन किसी दूसरी युवती से भी बातचीत करता है। इसके बाद उसे महसूस हुआ कि शादी का वादा करके उसके साथ धोखा किया जा रहा है। युवती के मुताबिक, वह कई बार इसका विरोध करती रही, लेकिन नमन उसे भरोसा देता रहा।

युवती के नाम पर कर्ज, मोबाइल की किस्तें भी वही भर रही

शिकायत में युवती ने बताया कि नमन की जरूरतों के लिए उसने कई बार पैसे दिए। कुछ लोन भी लिए, जिनकी किस्तें अब वह खुद चुका रही है। दो मोबाइल फोन की ईएमआई भी उसके नाम पर है। आरोप है कि 9 सितंबर 2026 को आगरा आने का बहाना बनाकर नमन ने उससे ऑनलाइन 28 हजार रुपये भी ले लिए।

नमन के पिता पर भी गंभीर आरोप

मामले में युवती ने नमन के पिता राकेश छाबड़ा पर भी सितंबर 2025 में जबरदस्ती करने और गलत तरीके से छूने की कोशिश का आरोप लगाया है। युवती का कहना है कि उस समय नमन फोन पर था और पूरी बात सुन रहा था, लेकिन उसने अपने पिता को रोकने के लिए कुछ नहीं किया।

हरिद्वार के होटल में भी मिलने पहुंचा था युवक

युवती ने अपनी शिकायत में बताया कि 5 अगस्त 2026 को नमन उससे हरिद्वार के मोतीचूर स्थित अरिहंत होटल में मिलने आया था। यहां भी दोनों के बीच मुलाकात हुई।

जीरो FIR के बाद भी 40 दिन से कार्रवाई का इंतजार

युवती की शिकायत पर आगरा में दुष्कर्म के आरोपों में जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी। एफआईआर के उपलब्ध दस्तावेज के मुताबिक, मामला क्षेत्राधिकार के आधार पर थाना ऋषिकेश, जिला देहरादून स्थानांतरित किया गया। युवती का आरोप है कि करीब 40 दिन बीतने के बावजूद उत्तराखंड पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।

पीड़िता का कहना है कि वह न्याय के लिए लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन उसे हर दरवाजे से निराशा मिल रही है। अब सवाल यह है कि गंभीर आरोपों वाली जीरो एफआईआर पर कार्रवाई में इतनी देरी क्यों हो रही है और पीड़िता को न्याय कब मिलेगा?

 

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