ताले सलामत, 300 मीटर कॉपर केबल गायब: शिवाजी मंडपम चोरी प्रकरण में यूनिवर्सिटी के दो कर्मचारियों समेत छह पर मुकदमा दर्ज
आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर में स्थित छत्रपति शिवाजी मंडपम एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह कोई कार्यक्रम नहीं बल्कि चोरी की एक ऐसी वारदात है जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंडपम की दूसरी मंजिल पर लगे एसी सिस्टम की करीब 300 मीटर कॉपर केबल गायब मिली है। खास बात यह है कि भवन के ताले सही-सलामत पाए गए, जिससे मामला साधारण चोरी से कहीं अधिक संदिग्ध नजर आ रहा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए न्यू आगरा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने विश्वविद्यालय से जुड़े दो कर्मचारियों समेत कुल छह लोगों को नामजद और संदिग्ध मानते हुए मुकदमा दर्ज किया है।
बताया गया है कि घटना 9 जून की देर रात से 10 जून की भोर के बीच की है। जब मंडपम की जांच की गई तो पता चला कि एसी लाइन में लगी बड़ी मात्रा में कॉपर केबल काटकर निकाल ली गई है। परिसर में यह चर्चा भी रही कि आखिर इतनी बड़ी चोरी बिना किसी अंदरूनी जानकारी के कैसे संभव हो सकती है।
प्रशासनिक जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मंडपम की चाबियों की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय कर्मचारी सत्यप्रकाश चौहान के पास रहती है। वह परिसर में ही रहता है और भवन की देखरेख से जुड़ा हुआ है। वहीं आउटसोर्स व्यवस्था के तहत कार्यरत धीरज कुमार भी जरूरत पड़ने पर मंडपम खोलने और बंद कराने का काम देखता है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए दोनों के नाम शिकायत में शामिल किए गए हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि किसी भी प्रवेश द्वार का ताला टूटा नहीं मिला। ऐसे में यह आशंका और मजबूत हो गई है कि चोरी करने वालों को भवन तक पहुंचने का रास्ता और व्यवस्था की पूरी जानकारी थी। सीढ़ियों वाले हिस्से से अंदर जाकर केबल काटे जाने की बात भी सामने आई है।
पुलिस ने सत्यप्रकाश चौहान, धीरज कुमार, हिन्द सिक्योरिटी फोर्स से जुड़े दो अज्ञात सुरक्षाकर्मियों तथा दो अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए गए हैं और परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा रही है।
विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के बीच इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। आखिर इतनी बड़ी मात्रा में कॉपर केबल परिसर से बाहर कैसे पहुंची और सुरक्षा व्यवस्था को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी, यह सवाल फिलहाल जांच का सबसे अहम बिंदु बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
