ईदगाह के पास आग का गोला बनी श्रद्धालुओं से भरी बस,: बाल-बाल बचे यात्री
आगरा। रविवार तड़के ईदगाह बस स्टैंड के आसपास उस समय लोगों की नजरें सड़क पर दौड़ती एक बस पर टिक गईं, जब उसके अगले हिस्से से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ ही देर में हालात ऐसे बने कि श्रद्धालुओं से भरी बस सड़क पर खड़ी-खड़ी आग की लपटों में घिर गई। राहत की बात यह रही कि बस में मौजूद सभी लोग समय रहते बाहर निकल आए और बड़ा हादसा टल गया।

जानकारी के मुताबिक धौलपुर जिले के सैपऊ क्षेत्र के बोरिंगपुरा कोटा गांव का एक परिवार गंगा स्नान के लिए रवाना हुआ था। सफर सामान्य चल रहा था, लेकिन आगरा पहुंचते-पहुंचते चालक को बस के बोनट की तरफ असामान्य गर्मी महसूस हुई। उसने वाहन रोककर जांच की तो अंदर आग सुलगती मिली।
बस रुकते ही यात्रियों को नीचे उतरने के लिए कहा गया। कुछ लोग मुख्य दरवाजे से बाहर निकले, जबकि अफरा-तफरी के बीच कई यात्रियों ने खिड़कियों और शीशों के रास्ते खुद को सुरक्षित बाहर निकाला। आसपास मौजूद लोगों ने भी मदद के लिए हाथ बढ़ाए और महिलाओं व बच्चों को जल्द बाहर निकालने में सहयोग किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग ने ज्यादा समय नहीं लिया। देखते ही देखते लपटें पूरे वाहन में फैल गईं और बस का अधिकांश हिस्सा आग की गिरफ्त में आ गया। सड़क किनारे खड़ी बस से उठती ऊंची लपटें और धुएं का गुबार दूर तक दिखाई दे रहा था।
सूचना मिलने पर दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। काफी प्रयास के बाद आग पर नियंत्रण पा लिया गया, लेकिन तब तक बस बुरी तरह जल चुकी थी। वाहन को भारी नुकसान पहुंचा है।
बस में सवार महेश ने बताया कि पूरा परिवार गंगा स्नान के लिए जा रहा था। रास्ते में चालक ने बोनट अधिक गर्म होने की बात कही थी। बोनट खोलने पर आग दिखाई दी, जिसके बाद सभी लोगों को तुरंत नीचे उतार लिया गया। उन्होंने बताया कि कुछ लोग आगे के रास्ते से निकले तो कुछ को शीशों के सहारे बाहर आना पड़ा।
फिलहाल आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। शुरुआती स्तर पर तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। संबंधित विभाग मामले की जांच में जुटे हैं। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ी राहत यही रही कि बस में सवार किसी भी व्यक्ति को गंभीर चोट नहीं आई और दर्जनों जिंदगियां बाल-बाल बच गईं।
