ठेकेदारी के काम के नाम पर रकम लेने का आरोप, बकाया मांगने पर मारपीट और जान से मारने की धमकी का भी आरोप
आगरा। भरोसे पर दिए गए लाखों रुपये वापस मांगने पर मामला ऐसा बिगड़ा कि बात कहासुनी से आगे बढ़कर मारपीट और धमकी तक पहुंच गई। आरोप है कि ठेकेदारी के काम के लिए 16 लाख रुपये लिए गए, जिनमें से आठ लाख रुपये वापस करने के बाद बाकी रकम और मुनाफे का भुगतान नहीं किया गया। बकाया रकम मांगने पर घर पहुंचकर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है।
मामला थाना शाहगंज क्षेत्र की न्यू शाहगंज कॉलोनी का है। पीड़ित समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव राहुल चतुर्वेदी हैं। उनके मुताबिक आरोपी आयुष वर्मा से उनकी पुरानी जान-पहचान थी और दोनों के बीच अच्छे संबंध थे। आरोप है कि आयुष वर्मा नगर निगम आगरा में ठेकेदारी का काम करता था और उसे ठेकेदारी के काम के लिए पैसों की जरूरत थी। उसने वर्क ऑर्डर मिलने की बात कहते हुए 16 लाख रुपये उधार मांगे थे।
पीड़ित के अनुसार रकम वापस करने के साथ मुनाफा देने का भरोसा भी दिलाया गया था। भरोसे में आकर उन्होंने 28 मई 2024 को छह लाख रुपये, 10 जून को साढ़े पांच लाख रुपये और 19 जून को चार लाख रुपये चेक के माध्यम से दिए। इसके अलावा 12 जून 2024 को 50 हजार रुपये नकद दिए गए। इस तरह कुल 16 लाख रुपये दिए गए। दस्तावेज में दर्ज विवरण के अनुसार यह रकम अन्य लोगों की मौजूदगी में दी गई थी।
आरोप है कि रकम लेने के बाद आयुष वर्मा और उसके पिता प्रशांत कुमार ने भरोसा दिलाया कि वर्क ऑर्डर पूरा होते ही रकम मुनाफे के साथ लौटा दी जाएगी। बाद में रकम वापस मांगने पर अक्टूबर 2024 में दो किस्तों में चार-चार लाख रुपये, यानी कुल आठ लाख रुपये वापस किए गए। शेष आठ लाख रुपये और मुनाफे की रकम जल्द लौटाने का आश्वासन दिया जाता रहा।
बकाया रकम मांगने पर बिगड़ा मामला
पीड़ित के मुताबिक लंबे समय तक रुपये वापस नहीं मिलने पर वह लगातार अपनी रकम मांगते रहे। आरोप है कि हर बार किसी न किसी बहाने से समय टाला जाता रहा। इसके बाद 19 मई 2026 की रात करीब डेढ़ बजे आयुष वर्मा और प्रशांत कुमार पीड़ित के घर पहुंचे। पीड़ित ने जब शेष आठ लाख रुपये और मुनाफे की रकम वापस करने को कहा तो दोनों कथित रूप से उत्तेजित हो गए।
आरोप है कि दोनों ने गाली-गलौज करते हुए हाथापाई शुरू कर दी और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित के मुताबिक उन्हें यह भी कहा गया कि रुपये वापस नहीं किए जाएंगे और कार्रवाई करने की कोशिश करने पर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो दोनों वहां से चले गए।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि ठेकेदारी के काम के नाम पर भरोसे में लेकर रकम ली गई और बाद में शेष रकम वापस करने से इनकार किया गया। उन्होंने पूरे घटनाक्रम में खुद को आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी होने की बात कही है। दस्तावेज के अनुसार पुलिस के समक्ष मामले में कार्रवाई की गई है।
