अपराध

दूसरे राज्यों से. कोका कोला की अवैध सप्लाई का जाल बेनकाब: 20 करोड़ का माल सीज; 69 लाख के गबन का आरोप

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आगरा। दूसरे राज्यों से कथित रूप से अनधिकृत तरीके से शीतल पेय मंगाकर उत्तर प्रदेश में खपाने के आरोप में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आगरा और मथुरा के कई डिपो सील किए हैं। कंपनी की शिकायत पर दर्ज मुकदमे में एक आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य आरोपितों की तलाश जारी है। कंपनी का दावा है कि इस पूरे नेटवर्क से उसे करीब 200 करोड़ रुपये का व्यावसायिक नुकसान हुआ, जबकि अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटरों के माध्यम से 69 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता भी सामने आई है।

वृंदावन एग्रो इंडस्ट्री (कोका-कोला बॉटलिंग यूनिट) के विधि प्रबंधक देवेश कपूर ने बताया कि आरोपित पहले कंपनी में लंबे समय तक कार्यरत थे। नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने अपनी फर्म बनाकर अन्य राज्यों से कथित रूप से अनधिकृत तरीके से शीतल पेय मंगाया और स्थानीय बाजार में उसकी बिक्री शुरू कर दी। कंपनी का आरोप है कि इस गतिविधि से अधिकृत वितरण व्यवस्था प्रभावित हुई और कारोबार को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा। शिकायत में यह भी कहा गया है कि अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटरों से माल लेकर उसका भुगतान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नहीं किया गया तथा कुछ फर्जी दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए।

कंपनी के अधिवक्ता आशुतोष श्रोतिय ने आरोप लगाया कि अनधिकृत कारोबार के लिए कई स्थानों पर बिना आवश्यक स्वीकृतियों के बड़े गोदाम और टीन शेड बनाकर भारी मात्रा में माल रखा जाता था। उनके अनुसार अब तक करीब 20 करोड़ रुपये मूल्य का शीतल पेय सीज किया जा चुका है और अन्य ठिकानों की भी जानकारी मिली है, जहां कार्रवाई की जा रही है।

धूप में रखा जा रहा था शीतल पेय, गुणवत्ता पर उठे सवाल

आशुतोष श्रोतिय का दावा है कि कई स्थानों पर शीतल पेय की बोतलों और कैनों को लंबे समय तक खुले में तेज धूप और अत्यधिक गर्मी में रखा जाता था, जबकि निर्माता कंपनियां ऐसे उत्पादों को निर्धारित तापमान और सुरक्षित भंडारण में रखने की सलाह देती हैं। उनका कहना है कि इस तरह का भंडारण उपभोक्ताओं के हितों के विपरीत है।

हालांकि, यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि जब्त किए गए उत्पादों की गुणवत्ता या उनके स्वास्थ्य पर प्रभाव को लेकर किसी सरकारी प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। इसलिए इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

आम लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए

विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी बोतलबंद शीतल पेय या खाद्य उत्पाद को लंबे समय तक तेज धूप, अत्यधिक गर्मी या अनुचित परिस्थितियों में रखने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका रहती है। ऐसे उत्पादों का स्वाद और गुणवत्ता बदल सकती है। यदि पैकेजिंग क्षतिग्रस्त हो जाए या उत्पाद खराब हो जाए, तो उसका सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए उपभोक्ताओं को चाहिए कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही उत्पाद खरीदें, बोतल या कैन की सील, निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट की जांच करें तथा धूप में लंबे समय तक रखे या संदिग्ध स्थिति वाले उत्पादों का उपयोग करने से बचें।

पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है। जब्त माल, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं कंपनी ने भी कहा है कि वह जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दे रही है।

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