वकील पर भरोसा नहीं होने की बात कहकर आरोपी ने मांगी खुद पैरवी की अनुमति, कोर्ट ने पीड़िता से सीधे बहस की इजाजत नहीं दी
आगरा। कभी वर्दी में कॉकरोच बनकर दीवानी पहुंचने वाला बर्खास्त फायरमैन जितेंद्र राठौर एक बार फिर कोर्ट की कार्यवाही को लेकर चर्चा में है। इस बार उसने अदालत के सामने कहा कि वह खुद अपना मुकदमा लड़ेगा और किसी वकील से पैरवी नहीं कराएगा। आरोपी ने कहा कि उसे किसी वकील पर भरोसा नहीं रहा है। हालांकि अदालत ने उसकी इस मांग को स्वीकार नहीं किया और पीड़िता से सीधे बहस करने की अनुमति देने वाला प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।
मामला उस समय और चर्चित हो गया था, जब पीड़िता कोर्ट में अपना बयान देने पहुंची थी। आरोप है कि इसी दौरान जितेंद्र राठौर ने पुलिस को फोन कर दिया और खुद को झूठे मुकदमे में फंसाए जाने की बात कही। पुलिस के कोर्ट पहुंचने के बाद अदालत ने आरोपी को फटकार लगाई और चेतावनी देकर बाहर कर दिया। पीड़िता के बयान दर्ज किए गए।
वर्दी में कॉकरोच बनकर पहुंचा था दीवानी
जितेंद्र राठौर पहले भी अपने अनोखे विरोध प्रदर्शन को लेकर सुर्खियों में रहा है। आठ जून को वह फायरमैन की वर्दी में कॉकरोच का रूप बनाकर दीवानी परिसर पहुंचा था। वह घुटनों के बल कोर्ट की ओर बढ़ रहा था, लेकिन गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोक दिया था।
इसके बाद उसने लखनऊ में अग्निकांड के बाद अग्निशमन विभाग में बाइक खरीद में कथित घोटाले के आरोप लगाए थे। इससे जुड़े उसके वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आए थे। अधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करने और पीड़िता व उसके पिता के संबंध में आपत्तिजनक बातें लिखकर परेशान करने के आरोप भी सामने आए हैं।
2024 में छात्रा ने लगाए थे आरोप
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वर्ष 2024 में न्यू आगरा क्षेत्र के एक शिक्षण संस्थान की छात्रा ने जितेंद्र राठौर पर छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे। मामला सामने आने के बाद उसे निलंबित किया गया था। बाद में उसका तबादला बहराइच और फिर सोनभद्र किया गया, लेकिन ड्यूटी पर नहीं पहुंचने के कारण उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई हुई और वह बर्खास्त हो चुका है। मामला अदालत में विचाराधीन है।
