मोहम्मदपुर के खसरा नंबर 261 स्थित 200 वर्ग गज जमीन का मामला, बिक्री विलेख रद्द कराने और कब्जा वापस लेने की मांग
आगरा। आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) ने अधिग्रहित जमीन की बिक्री और उस पर कब्जे को लेकर पूर्व महानगर अध्यक्ष भानू महाजन की मां उषा महाजन समेत तीन लोगों के खिलाफ सिविल कोर्ट में सिविल सूट दाखिल किया है। मामला सिविल जज (सीनियर डिवीजन), आगरा की अदालत में दाखिल सिविल सूट संख्या 719/2026 से जुड़ा है। एडीए की ओर से संयुक्त सचिव/प्रभारी भूमि अधिग्रहण सुरेंद्र बहादुर सिंह ने वाद दाखिल किया है।
एडीए के मुताबिक मामले में सुशील कुमार गोयल, उषा महाजन और प्रेम सिंह को प्रतिवादी बनाया गया है। विवादित संपत्ति मौजा मोहम्मदपुर, तहसील एवं जिला आगरा स्थित खसरा नंबर 261 के प्लॉट नंबर 5 में है। इसका क्षेत्रफल 200 वर्ग गज यानी 167.22 वर्ग मीटर बताया गया है।
एडीए के मुताबिक बैनपुर, मोहम्मदपुर, लखनपुर, सुनारी और देहतोरा गांवों की करीब 733 एकड़ जमीन सार्वजनिक उद्देश्य से अधिग्रहित की गई थी। प्राधिकरण का कहना है कि संबंधित भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जमीन उसके नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज हो गई थी।
एडीए का आरोप है कि 5 जून 2014 को सुशील कुमार गोयल से उषा महाजन के पक्ष में बिक्री विलेख किया गया। इसके बाद 1 जुलाई 2021 को करेक्शन डीड और 28 फरवरी 2022 को उषा महाजन से प्रेम सिंह के पक्ष में बिक्री विलेख किया गया। एडीए ने इन लेन-देन को अवैध बताते हुए अदालत में चुनौती दी है।
प्राधिकरण ने अदालत से संबंधित बिक्री विलेखों को अवैध, शून्य और निष्प्रभावी घोषित करने, संपत्ति के आगे बिक्री या हस्तांतरण पर रोक लगाने तथा विवादित जमीन का खाली और शांतिपूर्ण कब्जा एडीए को दिलाने की मांग की है। वाद में संपत्ति का मूल्यांकन 11.71 लाख रुपये बताया गया है।
