आगरा। आगरा पुलिस में देर रात एक साथ कई मोर्चों पर कार्रवाई हुई। सदर के नंद प्लाजा में कैफे और मिनी मल्टीप्लेक्स के केबिन का मामला हो या फिर पुलिसकर्मियों पर भ्रष्टाचार के आरोप—पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने जांच के बाद बड़ा एक्शन लिया। दो इंस्पेक्टरों को लाइन हाजिर कर दिया गया, जबकि छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ही कई थानों के प्रभारी भी बदल दिए गए।

सदर क्षेत्र के नंद प्लाजा का मामला कार्रवाई की सबसे बड़ी वजहों में रहा। यहां कैफे और मिनी मल्टीप्लेक्स में बने केबिन युवक-युवतियों को घंटों के हिसाब से किराये पर दिए जाने की शिकायत सामने आई थी। अगस्त के पहले सप्ताह में एलआईयू की सूचना पर छापेमारी हुई तो डेढ़ दर्जन से अधिक युवक-युवतियां मिले थे। पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ।

खास बात यह रही कि केबिनों को बंद कराने के लिए पहले ही नोटिस दिया जा चुका था, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ा। इसके बाद एलआईयू की गोपनीय रिपोर्ट ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। रिपोर्ट के बाद इंस्पेक्टर सदर विजय विक्रम सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया। एसीपी सदर की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।

उधर, जगनेर थाने के इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र पर भी कार्रवाई हुई। उनके खिलाफ अवैध खनन के परिवहन से जुड़ी शिकायतें लगातार मिल रही थीं। जांच के बाद उन्हें भी लाइन हाजिर कर दिया गया।

हेल्पलाइन की शिकायतों ने खोली पुलिसकर्मियों की फाइल

कार्रवाई सिर्फ थानेदारों तक सीमित नहीं रही। भ्रष्टाचार हेल्पलाइन पर मिली शिकायतों के बाद एलआईयू से जांच कराई गई। प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।

निलंबित होने वालों में इंस्पेक्टर अपराध जगनेर विजेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल राशिद अली, आरक्षी अंकित कुमार, आरक्षी धर्मेंद्र सिंह, आरक्षी राजीव पाराशर और आरक्षी संचित शामिल हैं। पुलिस आयुक्त ने सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

एक्शन के साथ बदले थानों के चेहरे

देर रात हुए तबादलों में भी कई अहम बदलाव किए गए। देवकरन को अपराध शाखा से इरादतनगर का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। रामकुमार तोमर को इरादतनगर से जगनेर भेजा गया है। समरेश सिंह को अपराध शाखा से बसई अरेला और प्रमोद कुमार को सिकंदरा अपराध से जैतपुर की जिम्मेदारी दी गई है।

दीपक कुमार सिंह जैतपुर से पिडौरा के थानाध्यक्ष बनाए गए हैं। वहीं गैर जनपद स्थानांतरण के अंतर्गत पिडौरा के सर्वेश कुमार और बसई अरेला के प्रशान्त सिंह को पुलिस लाइन भेजा गया है।

एक ही रात में हुई निलंबन, लाइन हाजिरी और तबादलों की इस कार्रवाई ने आगरा पुलिस महकमे में साफ संदेश दिया है कि शिकायतों की जांच के बाद जिम्मेदारी तय करने में अब कार्रवाई से परहेज नहीं किया जाएगा।

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