आगरा। दो किशोरियों के अचानक गायब होने से परिवार में हड़कंप मच गया। दोनों एक साथ घर से निकली थीं और फिर ऐसा गायब हुईं कि तलाश आगरा से शुरू होकर नोएडा तक पहुंच गई। रास्ते में CCTV कैमरों में दोनों दिखाई भी दीं, लेकिन ठिकाना नहीं मिला। परिवार को शक एक युवक पर था, मगर करीब तीन महीने बाद जब दोनों मिलीं तो कहानी कुछ और ही निकली।

शाहगंज क्षेत्र के नरीपुरा की रहने वाली 16 और 14 साल की दोनों किशोरियां सहेलियां हैं और एक ही स्कूल में पढ़ती हैं। 26 मई की दोपहर दोनों घर से एक साथ निकली थीं। काफी देर तक वापस नहीं लौटीं तो परिवार ने तलाश शुरू की। आसपास के CCTV खंगाले गए तो दोनों एक युवक के साथ जाती दिखाई दीं। इसके बाद परिवार का शक युवक पर गया और पुलिस से शिकायत की गई।

पुलिस ने तलाश शुरू की तो दोनों के कैंट रेलवे स्टेशन की तरफ जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद जांच की दिशा नोएडा तक पहुंची। सेक्टर-18 के CCTV कैमरों में भी दोनों नजर आईं, लेकिन कैमरों में दिखने के बावजूद दोनों तक पहुंचना आसान नहीं था।

इस बीच परिवार ने चाइल्ड राइट एक्टिविस्ट नरेश पारस से संपर्क किया। उन्होंने आगरा और नोएडा पुलिस कमिश्नर के साथ डीजीपी को भी पत्र भेजकर दोनों किशोरियों की बरामदगी की मांग की। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि दोनों के आधार नंबर एक ऐसे मोबाइल नंबर से जुड़े थे, जो परिवार के किसी सदस्य का नहीं था।

आखिरकार पुलिस ने दोनों को नोएडा से बरामद कर लिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि दोनों किसी के साथ छिपकर नहीं रह रही थीं, बल्कि एक कंपनी में काम कर रही थीं।

पूछताछ में दोनों ने परिवार से नाराज होकर घर छोड़ने की बात बताई। एक किशोरी ने सौतेली मां के व्यवहार से परेशान होने की बात कही, जबकि दूसरी कम उम्र में शादी किए जाने से नाराज थी। दोनों अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती थीं और इसी वजह से नोएडा पहुंचकर नौकरी करने लगीं।

जिस युवक पर परिवार ने शुरुआत में संदेह जताया था, जांच में उसका दोनों किशोरियों के गायब होने से कोई संबंध नहीं मिला। दोनों को बरामद करने के बाद वन स्टॉप सेंटर भेजा गया है, जहां उनकी काउंसलिंग कराई जा रही है। दोनों के मजिस्ट्रेट के सामने बयान भी दर्ज कराए जाएंगे।

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