आगरा। मोबाइल ऐप पर रकम लगातार बढ़ती दिखाई दे रही थी। व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग के नाम पर मुनाफे के सपने दिखाए जा रहे थे। सब कुछ इतना भरोसेमंद लगा कि आगरा के यशवीर सिंह ने 88 लाख 99 हजार रुपये तक निवेश कर दिए। लेकिन जब अपनी रकम वापस निकालने की कोशिश की तो एक क्लिक पर पूरा खेल सामने आ गया। पैसा निकला नहीं और उल्टा और रकम जमा करने को कहा जाने लगा।

यशवीर सिंह के अनुसार, जुलाई में उन्हें “328 Wealth pioneer investment group” नाम के व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था। ग्रुप में करीब 152 सदस्य थे। यहां निवेश और ट्रेडिंग से होने वाले मुनाफे की बातें की जाती थीं। एक महिला ग्रुप को लीड करती थी और निवेश से संबंधित निर्देश देती थी।
ग्रुप में दिखाई जा रही कमाई ने भरोसा बढ़ाया तो यशवीर सिंह ने भी निवेश शुरू कर दिया। 13 से 17 अगस्त के बीच उन्होंने अपने बैंक खाते से 10 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 88 लाख 99 हजार रुपये बताए गए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। ऐप पर निवेश की रकम और मुनाफा बढ़ता हुआ दिखाई देता रहा।
इसके बाद उन्होंने जब अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो पैसा विड्रॉल नहीं हुआ। पीड़ित के अनुसार, इस बारे में पूछने पर उनसे और रकम जमा करने को कहा गया। यहीं उन्हें शक हुआ कि ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर उनके साथ खेल किया जा रहा है। पीड़ित का आरोप है कि उन्होंने संबंधित निवेश को SEBI से रजिस्टर्ड संस्था समझकर रकम लगाई थी।
मामला समझ में आने के बाद पीड़ित ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में अपनी 88 लाख 99 हजार रुपये की रकम वापस दिलाने और कार्रवाई की मांग की गई है।
मामले में साइबर क्राइम थाना आगरा में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। एफआईआर में अज्ञात आरोपी दर्ज हैं।
