आगरा। बेटी को सरकारी नौकरी मिलने की खुशी में परिवार ने अपनी जमा-पूंजी तक लगा दी, लेकिन करीब ढाई महीने बाद जब नौकरी की हकीकत सामने आई तो पैरों तले जमीन खिसक गई। आरोप है कि सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर 16 लाख रुपये लिए गए, फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कराया गया और युवती को जिला पंचायत कार्यालय हाथरस में नौकरी भी करा दी गई। मामला तब खुला, जब उसे तबादले के नाम पर रायबरेली भेजा गया और वहां पहुंचकर पता चला कि नौकरी ही फर्जी थी।
पीड़ित अमर सिंह कुशवाह के अनुसार, उसकी बेटी वैशाली और बेटे को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा मंजू कुशवाह और विजयपाल सिंह कुशवाह ने दिया था। इसके बाद राजेश कुमार बघेल का नाम सामने आया। उसे सरकारी तंत्र में पहुंच रखने वाला बताते हुए नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया गया। पीड़ित के अनुसार, दोनों बच्चों की नौकरी के लिए 20 लाख रुपये की बात कही गई थी।
नौकरी के लालच में परिवार ने रकम जुटानी शुरू कर दी। पीड़ित का आरोप है कि उसने अपनी बेटी की नौकरी के लिए सोने-चांदी के जेवर गिरवी रखकर सात लाख रुपये दिए। इसके बाद 6.50 लाख रुपये और दिए गए। बाद में अन्य रकम भी अलग-अलग तरीके से ली गई।
इसके बाद कथित तौर पर वैशाली के नाम से सरकारी मुहर और हस्ताक्षर वाला नियुक्ति पत्र तैयार किया गया। 21 जनवरी 2026 को मंजू कुशवाह, विजयपाल सिंह कुशवाह, राजेश कुमार बघेल, योगेंद्र प्रताप सिंह बघेल, सुदेश कुमार और एक अन्य व्यक्ति वैशाली को अपने साथ लेकर गए। अगले दिन उसे जिला पंचायत कार्यालय हाथरस में नियुक्ति दिलाने की बात सामने आई। वैशाली ने वहां करीब ढाई महीने तक काम भी किया।
लेकिन ठगी का असली खेल इसके बाद सामने आया। वैशाली को बताया गया कि उसका तबादला रायबरेली हो गया है। उसे वहां जाकर रिपोर्ट करने को कहा गया। 10 अप्रैल 2026 को जब वह रायबरेली पहुंची और आधिकारिक जानकारी की, तो पता चला कि नौकरी के नाम पर उसके साथ धोखाधड़ी की गई है।
पीड़ित के अनुसार, उसके बेटे से भी नौकरी दिलाने के नाम पर 2.10 लाख रुपये नकद लिए गए। इसके अलावा 40 हजार रुपये सुदेश कुमार के खाते में ऑनलाइन भेजे जाने का भी आरोप है। बेटे को आरपीएफ की फर्जी नियुक्ति और पहचान से जुड़े दस्तावेज दिए जाने की बात भी सामने आई है।
मामला खुलने के बाद जब वैशाली ने मंजू से कथित तौर पर 16 लाख रुपये की ठगी को लेकर बात की तो उसे धमकाए जाने का भी आरोप है। पीड़ित का कहना है कि मंजू ने आरोप लगाया कि इन लोगों की पहुंच गृह मंत्रालय तक है और रुपये मांगने पर जान से हाथ धोने की धमकी दी। बाद में जब अमर सिंह अपने बेटे के साथ मंजू के घर पहुंचे तो वहां रुपये के लेन-देन को लेकर मंजू, विजयपाल और राजेश कुमार बघेल के बीच विवाद चल रहा था। इस दौरान मौके की वीडियो रिकॉर्डिंग किए जाने की बात भी कही गई है।
इस मामले में मंजू कुशवाह, विजयपाल सिंह कुशवाह, राजेश कुमार बघेल, योगेंद्र प्रताप सिंह बघेल और सुदेश कुमार समेत अन्य के खिलाफ लोहामंडी थाने में मामला दर्ज हुआ है। पीड़ित ने अपनी रकम वापस दिलाने और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है।
