आगरा। वर्ष 2025 को आगरा पुलिस ने अपराध नियंत्रण के लिहाज़ से सफल वर्ष बताया है। पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डीजीपी के जीरो टॉलरेंस के सिद्धांत पर चलते हुए पुलिस ने कई बड़े अभियान चलाए। इनमें ऑपरेशन अस्मिता के तहत धर्मांतरण में लिप्त एक अंतरराष्ट्रीय गैंग का भंडाफोड़ भी शामिल रहा। साथ ही, साल 2024 की तुलना में 2025 में सजाओं की दर 50% से अधिक बढ़ी, जो कानून व्यवस्था को लेकर सख्ती का संकेत है।
कमिश्नर ने 2026 की चुनौतियों पर भी साफ रोडमैप रखा। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधों में लगभग 28% की बढ़ोतरी पुलिस के लिए सबसे बड़ी चिंता है। इसे रोकने के लिए पंचायत स्तर तक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
इसी के साथ आगरा को ‘Zero Fatality District’ बनाने का संकल्प लिया गया है, ताकि सड़क हादसों में होने वाली मौतों को न्यूनतम किया जा सके। प्रत्येक थाने में स्थापित ‘महिला शक्ति केंद्र’ को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा ताकि महिलाओं की सुरक्षा और सहायता में कोई कमी न रहे।
ट्रैफिक प्रबंधन भी आने वाले वर्ष की प्रमुख चुनौती है। शहर में मेट्रो और जल निगम के निर्माण कार्य से आमजन प्रभावित न हों, इसके लिए व्यापारियों और स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ निरंतर संवाद जारी रहेगा।
कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि पुलिस न सिर्फ कार्रवाई करेगी, बल्कि जमीनी स्तर पर पहुँचकर समाज को अपराध से बचाव की शिक्षा भी देगी — चाहे बात साइबर अपराध की हो या सड़क सुरक्षा की।
